हार्वेस्टर की कीमत सितंबर 2026 — सभी मॉडल, स्पेसिफिकेशन और रेटिंग

भारत में कंबाइन हार्वेस्टर शायद ही किसी खेत की खरीद होती है। ₹16.50 लाख से ₹34.51 लाख की यह मशीन एक कारोबार है, और इसके ज़्यादातर मालिक इसे कारोबार की तरह ही चलाते हैं — गेहूँ पकने के साथ पंजाब-हरियाणा से एमपी होते हुए बिहार तक। यहाँ की मशीनें तीन तरह की हैं: 12 से 15 फुट कटर बार वाले बड़े पहिया सेल्फ-प्रोपेल्ड कंबाइन, गीले धान के लिए रबर क्रॉलर वाले ट्रैक हार्वेस्टर, और सस्ते ट्रैक्टर-माउंटेड यूनिट जो आपके मौजूदा ट्रैक्टर से चलते हैं। कटर बार की चौड़ाई और ग्रेन टैंक — यही दो आँकड़े तय करते हैं कि रोज़ कितने एकड़ कटेंगे।

12मॉडल
7ब्रांड
₹ 2.95 लाखशुरुआती कीमत

ब्रांड के अनुसार

हार्वेस्टर — सभी मॉडल

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किराए पर चलाने का हिसाब

भारत में कंबाइन सिर्फ अपनी फसल काटने के लिए लगभग कोई नहीं खरीदता। मशीन साल में कुछ ही हफ्ते चलती है, और हिसाब तभी बैठता है जब प्रति एकड़ के भाव पर दूसरों की फसल काटी जाए। इसीलिए खरीद का फैसला कटर बार की चौड़ाई से होता है। करतार 4000, प्रीत 987, दशमेश 9100 या जॉन डियर W70 का 14 फुट बार, करतार 3500 के 9.75 फुट बार से प्रति घंटा कहीं ज़्यादा रकबा काटता है, और दो हफ्ते की खिड़की में यही अंतर पूरा मुनाफा है।

ग्रेन टैंक का आकार भी इसीलिए मायने रखता है। 2700 लीटर का टैंक यानी ट्रॉली में खाली करने के लिए कम रुकना; ट्रैक मशीन का 1200 लीटर टैंक यानी ज़्यादा रुकावट और ट्रैक्टर वालों के साथ ज़्यादा तालमेल।

हिसाब का दूसरा हिस्सा मशीन के खड़े रहने का है। दो हफ्ते की कटाई में तीन दिन खड़ी मशीन मरम्मत के बिल से कहीं ज़्यादा नुकसान करती है। खरीदने से पहले पता करें कि पुर्ज़े कहाँ मिलेंगे और कटाई के मौसम में कंपनी के मैकेनिक चलते हैं या नहीं। पंजाब की कंपनियाँ — करतार, प्रीत, दशमेश — उत्तर में सबसे मज़बूत और बाहर सबसे कमज़ोर हैं।

पहिया या ट्रैक

पहिया कंबाइन सख्त ज़मीन पर तेज़, उतने ही आउटपुट में सस्ते और रखरखाव में सरल हैं। रबर क्रॉलर वाले ट्रैक हार्वेस्टर वज़न बड़े क्षेत्र पर फैला देते हैं, जिससे वे पानी भरे धान के खेत में भी चलते हैं जहाँ पहिया मशीन धँसकर खिंचवानी पड़े।

पंजाब, हरियाणा या एमपी का गेहूँ काटते हों तो पहिये लें। गोदावरी-कृष्णा डेल्टा, ओडिशा, बंगाल या तटीय तमिलनाडु का धान काटते हों तो ट्रैक ही चलेगा। ₹16.50 लाख वाला क्लास क्रॉप टाइगर 30 टेरा ट्रैक, ₹27.21 लाख वाला कुबोटा HARVESKING और ₹23.95 लाख वाला प्रीत 949 TAF ट्रैक — ये तीन विकल्प हैं।

ट्रैक्टर-माउंटेड विकल्प

अगर आपके पास 55 एचपी या बड़ा ट्रैक्टर पहले से है, तो ₹8.40 लाख वाला 12 फुट बार का दशमेश 912 पूरा हिसाब बदल देता है। यह सेल्फ-प्रोपेल्ड मशीन की करीब एक-तिहाई कीमत में आता है क्योंकि इंजन और ड्राइवट्रेन आपके ट्रैक्टर का चलता है। बदले में ट्रैक्टर पर बोझ बढ़ता है और कटाई धीमी होती है। 30 से 60 एकड़ वाले किसान के लिए यह अक्सर बीच का समझदार रास्ता है।

भूसा भी कमाई है

कंबाइन के गुज़रने के बाद बची पराली या तो जलाने की समस्या है या बिकने वाला माल। ₹2.95 लाख का करतार 56 जैसा ट्रैक्टर-चालित स्ट्रॉ रीपर गेहूँ की ठूँठ को चारे का भूसा बना देता है। कारोबार का हिसाब बनाते समय इस कमाई को भी जोड़ें।

हार्वेस्टर — राज्य के अनुसार

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत क्या है?

हमारी लिस्ट में सेल्फ-प्रोपेल्ड कंबाइन ₹16.50 लाख (क्लास क्रॉप टाइगर 30 टेरा ट्रैक) से ₹34.51 लाख (न्यू हॉलैंड TC5.30) तक हैं। ट्रैक्टर-माउंटेड मशीनें बहुत सस्ती हैं — 12 फुट बार वाला दशमेश 912 ₹8.40 लाख में, क्योंकि पावर आपके ट्रैक्टर से लेता है।

गीले धान के खेत के लिए कौन सा हार्वेस्टर सही है?

रबर क्रॉलर वाला ट्रैक हार्वेस्टर। यहाँ विकल्प हैं — क्लास क्रॉप टाइगर 30 टेरा ट्रैक ₹16.50 लाख, प्रीत 949 TAF ट्रैक ₹23.95 लाख और कुबोटा HARVESKING DC-68G-HK ₹27.21 लाख। ट्रैक वज़न फैला देते हैं, इसलिए मशीन पानी में धँसने के बजाय कटाई करती रहती है।

कंबाइन हार्वेस्टर कितने एकड़ पर फायदे में आता है?

पुष्ट आँकड़ा हम नहीं दे सकते, क्योंकि यह आपके इलाके के किराए, डीज़ल के भाव, कर्ज़ की शर्तों और काम के दिनों पर निर्भर है। इतना तय है कि रोज़ का काम कटर बार की चौड़ाई से तय होता है, इसलिए 14 फुट की मशीन 9.75 फुट वाली से कम सीज़न में लागत निकाल लेती है।

क्या ट्रैक्टर-माउंटेड कंबाइन सेल्फ-प्रोपेल्ड जितना अच्छा है?

नहीं, पर कीमत एक-तिहाई है। ₹8.40 लाख में दशमेश 912 आपको 12 फुट कटर बार देता है, बिना इंजन, चेसिस और ड्राइवट्रेन खरीदे। बदले में काम धीमा होता है, ट्रैक्टर पर घिसाव बढ़ता है और वह ट्रैक्टर पूरी कटाई भर व्यस्त रहता है। अपनी फसल काटने के लिए यह अक्सर सही सौदा है।