कितने एचपी का ट्रैक्टर चाहिए? — ज़मीन और यंत्र के हिसाब से
ज़मीन का रकबा, मिट्टी और चलाने वाले यंत्रों के हिसाब से सही एचपी चुनें। भारत में बिकने वाले लगभग 98% ट्रैक्टर 50 एचपी से कम के हैं।
| एचपी | किसके लिए | यंत्र |
|---|---|---|
| 20–30 HP | 1–5 एकड़, बाग, अंगूर, सब्ज़ी | कल्टीवेटर, स्प्रेयर, छोटा रोटावेटर (3 फुट) |
| 31–40 HP | 5–10 एकड़, हल्की-मध्यम मिट्टी | रोटावेटर 4–5 फुट, 9-टाइन कल्टीवेटर, थ्रेशर |
| 41–50 HP | 10–25 एकड़, गेहूँ-धान का मुख्य वर्ग | रोटावेटर 6 फुट, एमबी हल, ट्रॉली, हैप्पी सीडर |
| 51–60 HP | 25–50 एकड़, भारी मिट्टी, गन्ना | रिवर्सिबल हल, लेज़र लेवलर, सुपर सीडर, बेलर |
| 60 एचपी से ऊपर | 50+ एकड़, कस्टम हायरिंग, कंबाइन का काम | बड़े हल, हार्वेस्टर सपोर्ट, भारी ढुलाई |
दो बातें जो तालिका नहीं बताती
पहली — मिट्टी। काली भारी मिट्टी में उतने ही रकबे के लिए 5–10 एचपी ज़्यादा चाहिए, और कीचड़ वाले धान के खेत में प्रति एचपी वजन ज़्यादा मायने रखता है, वरना पहिए घूमते रह जाते हैं।
दूसरी — सबसे भारी यंत्र। ट्रैक्टर औसत काम से नहीं, सबसे भारी काम से चुना जाता है। अगर साल में दस दिन 6 फुट का रोटावेटर चलाना है, तो एचपी उसी हिसाब से लीजिए।